लोकोदय महातीर्थ
उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक धर्मनगरी आगरा के रुनकता में दिल्ली आगरा राजमार्ग पर परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्यश्री 108 विद्यासागर जी महाराज के मंगल अशीष एवं प.पू. तीर्थ चक्रवर्ती, जगत पूज्य, निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज की मंगल प्रेरणा एवं कल्पनानुसार बनने जा रहा है धार्मिक इतिहास के वैश्विक पटल पर युग युगान्तर तक जैन धर्म की कीर्ति का गुणगान करने वाला श्री दिगम्बर जैन लोकोदय तीर्थ क्षेत्र।
विशाल भूभाग में बनने वाले इस भव्य, विशाल, कलात्मक तीर्थक्षेत्र के सबसे मध्य में निर्मित किया जा रहा है दो भुजाओ वाला भव्य मुख्य मन्दिर, प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव भगवान को समर्पित इस जिनमंदिर में विराजमान होगी भगवान आदिनाथ की एक ही शिला से निर्मित विशाल प्रतिमा। मुख्य मंदिर की भुजाओ से जुडेÞ दो अन्य मन्दिरों में से एक भुजा मन्दिर में विरामान होंगे तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ तो वहीं दूसरे भुजा मन्दिर में तीर्थंकर मुनिसुव्रतनाथ भगवान की भव्य प्रतिमा विराजित की जाएगी।
मुख्य मंदिर के चारों ओर जहां भव्य त्रिकाल चौबीसी स्थापित होगी, तो वहीं पाषाण निर्मित विशाल सिंह द्वार के सम्मुख ही स्थापित किया जाएगा 135 फुट ऊंचा, 11 मंजिलों वाला पाषाण निर्मित सहस्रकूट जिनालय। 1008 प्रतिमाओं से युक्त इस जिनालय की 11वीं मंजिल पर जहां 4 विशाल प्रतिमाएं तो वहीं प्रत्येक मंजिल पर 4 बडी व 964 छोटी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
इसके अतिरिक्त मुख्य मंदिर के समीप ही खुले परिसर में नौकायन की सुविधा वाले विशाल सरोवर के चारों विशाल नन्दीश्वर द्वीप की रचना की जाएगी, जिसमें ढोलक के आकर वाले ऐसे 52 जिनालय बनाये जायेंगे कि, दर्शनार्थी नाव के द्वारा हर जिनालय में अन्दर जाकर जिनबिम्बों के दर्शन कर सके। इसके साथ ही द्वीप के मध्य भाग में पाषाण का एक जम्बु वृक्ष भी निर्मित किया जाएगा, जिसके ऊपर तीर्थंकर भगवान की 15 फुट उत्तुंग चतुमुर्खी प्रतिमा विराजित की जाएगी।
सफेद संगमरमर से कलात्मक शैली में बनने वाले तीर्थक्षेत्र के मंदिरों में आगरा शैली के लाल पत्थर का भी प्रयोग किया जा रहा है जो आने वाले श्रद्धालुओं को अद्भुत भारतीय कला के साथ साथ जैन संस्कृति का भी परिचय करायेगा। इसके अलावा तीर्थ क्षेत्र पर संत महात्माओं की चर्या हेतु 3 मंजिला, हवादार, सुन्दर सन्तशाला एवं यात्रियों के ठहरने के लिए सुपरडीलक्स, पंच सितारा सुविधायुक्त यात्रीनिवास भी बनाया जा रहा है।
लोकोदयमहातीर्थमहादानयोजनाएं
प.पू.तीर्थ चक्रवर्ती, जगत पूज्य, निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री 108 सुधासागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से युग युगान्तर तक जैन धर्म की कीर्ति का गुणगान करने वाले अन्तर्राष्ट्रीय दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र 'लोकोदय' के निर्माण में आइए हम सब भी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग कर करें महान पुण्य का अर्जन।
1-भू-दान योजना
-1 बीघा भू-दान -1 कलश
-1/2 बीघा भू-दान -50 श्रीफल
-1/4 बीघा भू-दान -25 श्रीफल
-1/10 बीघा भू-दान -11 श्रीफल
-विशेष भू-दान - 5 श्रीफल
-समान्य भू-दान -1 श्रीफल
2-जिनालय निर्माण योजना
- मुख्य मन्दिर- राशि लगभग 50 कलश (बुक हो चुका है)
-मुख्य मन्दिर की दांई एवं बांई ओर के भुजा मन्दिर (2 मन्दिर) (बुक हो चुके हैं)
- शिखर बन्द त्रिकाल चौबीसी जिनालय-(सभी बुक हो चुके हैं)
3- सहस्रकूट जिनालय योजना
-सहस्रकूट जिनालय में छोटी प्रतिमा 5 श्रीफल 50 हजार
-बडी प्रतिमा 15 श्रीफल (प्रति मंजिल 4 प्रतिमाएं - कुल 40 प्रतिमा)
-11वीं मंजिल पर विराजित होने वाली प्रति विशाल प्रतिमा 1 कलश 21 श्रीफल (कुल 4 प्रतिमा)
4- नन्दीश्वर जिनालय रचना योजना
-एक जिनालय 1 कलश 1 श्रीफल (कुल 52 जिनालय)
-इसी रचना में जम्बूवृक्ष पर विशाल चतुर्मुखी प्रतिमा, 1 कलश 21 श्रीफल
5- सन्तशाला योजना
-3 मंजिला सन्तशाला निर्माण- 5 कलश (कुल लागत)
-प्रत्येक कमरे की न्योछावर राशि 11 श्रीफल (सभी बुक हो चुके हैं)
6-धर्मशाला योजना
-वातानुकूलित/अत्याधुनिक धर्मशाला निर्माण 11 कलश (कुल लागत)
-प्रत्येक कमरे की न्योछावर राशि 15 श्रीफल
7- सिंह द्वार योजना
-सिंह द्वार की कुल लागत 5 कलश
-आप तीर्थ निर्माण की उपरोक्त सभी योजनाओं की दान की किस्ते 5-10 वर्ष तक दे सकते हैं
-इसके अलावा अन्य योजनाओं में
-तीर्थ निर्माण में प्रत्येक ह्रीं शिला शिला दान राशि-5100/-
-पंच ह्रीं शिला दान राशि-21000/-
दान का वचन देने के इच्छुक महानुभाव, कृपया लोकोदय तीर्थक्षेत्र कार्यालय के हेल्पलाइन नं.-9068818261 पर कॉल करके अपना नाम, पता, फोन नम्बर व दान की चयनित श्रेणी के विषय में आज ही सूचित करें
श्री दिगम्बर जैन लोकोदय तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, आगरा
श्री दिगम्बर जैन लोकोदय तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (रजि.) आगरा
INTERIM COMMITTEE MEMBERS
















महामहिम ट्रस्टी
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